Sunday, July 26, 2009

गगन मै

गगन मै
गगन मै
उड़ते बिहग अनेक।
गगन मे
उड़ते ,बिहग अनेक ।
कोई अकेला
कोई सखा सँग
कोई..कोई विशेष ।
गगन में,
उड़ते बिहग अनेक ।
कमलेश कुमार दीवान

1 comment:

  1. manyawar,
    sunder shuruaat ko bahut chhota aakash kyon diya. gaganvihaari vihag ko aur vistrit aakash dete to achha tha. sapreet...

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