Wednesday, December 30, 2009

नव वर्ष 2010

.नव वर्ष

सुख बिखर सिमटते रहे
तिमिर घन
घटते बढ़ते रहें
प्रण टूटे ,
मौन और विस्तृत
स्वीकारे उत्कर्ष ,
नये आये है,वर्ष ।

शुभ मँगलकामनाओ सहित सादर समर्पित है।
कमलेश कुमार दीवान

1 comment:

  1. नव वर्ष की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.

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