दरिया या नदी की हालातों पर हम अनेक तरह से अपनी बात कह सकते हैं अर्ज़ किया है कि....
*दरिया -2
कमलेश कुमार दीवान
अपनी ही रवानी से अनजान है दरिया
झरनो की मेहरबानी से पशेमान है दरिया
जाना था बहुत दूर समुंदर की तरफ ही
साहिल है निगहबानी से परेशान है दरिया
धारा भी थक गई है रूक रूक के बह रहा
थमने की इस कहानी से बेजान है दरिया
आया था पहाड़ों से बड़ी धार में लेकिन
फिर किसकी निगरानी से हैरान है दरिया
लहरें हवा से आज क्यों ऊंची उठे 'दीवान '
पानी तो निशानी भी तेरी पहचान हैं दरिया
कमलेश कुमार दीवान
19/3/25
#दरिया
@सर्वाधिकारसुरक्षित