"मां की फिर याद आई "
कमलेश कुमार 'दीवान'
फिर खिला फूल, मां की फिर याद आई
याद आये वे घरौंदे वो नदी पहाड़ के खेल
गुड्डे गुड़ियों के साथ झूठी कुट्टी और मेल
ढूंढते इसे उसे कूक हा हू छुपम छुपाई
फिर हुई शाम तो मां की फिर याद आई
फिर खिला फूल मां की फिर याद आई
कमलेश कुमार 'दीवान'
10/6/26
@सर्वाधिकार सुरक्षित
#happymothersday
मां जीवन में हमेशा साथ होती है उनकी यादें और बचपन भूले भी नहीं जाते हैं मां के लिए तो हर दिन हर घड़ी हर पल है पर आज विशेष है मातृ दिवस पर शुभकामनाएं Happy mother's day 💐
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